स्तंभन दोष

स्तंभन दोष या नपुंसकता (अंग्रेज़ी: Erectile dysfunction) एक प्रकार का यौन अपविकास है। यह संभोग के दौरान शिश्न के उत्तेजित न होने या उसे बनाए न रख सकने के कारण पैदा हुई यौन निष्क्रियता की स्थिति है।[1] इसके मुख्य जैविक कारणों में हृदय और तंत्रिकातंत्र संबंधी बिमारियाँ, मधुमेह, संवेदनामंदक पदार्थों के दुष्प्रभाव आदि शामिल हैं। मानसिक नपुंसकता शारीरिक कमियों की वजह से नहीं बल्कि मानसिक विचारों और अनुभवों के कारण पैदा होती है।

स्तंभन दोष
वर्गीकरण एवं बाह्य साधन
आईसीडी-१० F52.2, N48.4
आईसीडी- 302.72, 607.84
डिज़ीज़-डीबी 21555
ईमेडिसिन med/3023 
एम.ईएसएच D007172

लक्षण

स्तंभन दोष के लक्षण को कई प्रकार से परखा जा सकता है :

  • कुछ अवसरों पर पूर्ण स्तंभन का प्राप्त होना, जैसे सोने के समय (जब व्यक्ति की मानसिक या मनोवैज्ञानिक समस्याएँ अपेक्षाकृत अनुपस्थित होती हैं), दर्शाता है कि व्यक्ति की शारीरिक संरचनाएँ सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं। यह संकेत है कि समस्या शारीरिक से अधिक मानसिक है।
  • व्यक्ति में बहुमूत्र की शिकायत भी एक कारक है जो स्तंभन में बाधा उत्पन्न करती है। मधुमेह के कारण बहुमूत्र व्यक्ति में तंत्रिकाविकृति उत्पन्न कर सकती है।
ऑटोमन की मिनिएचर चित्रकारी। एक अप्रसन्न विवाहिता काज़ी से अपने पति की नपुंसकता की शिकायत करती हुई।

इन्हें भी देखें

  • स्तंभन

सन्दर्भ

  1. Erectile dysfunction glossary - MUSC Health

बाहरी कड़ियाँ

This article is issued from Wikipedia. The text is licensed under Creative Commons - Attribution - Sharealike. Additional terms may apply for the media files.