द्विखण्डन

जीवविज्ञान में किसी कोशिका का दो भागों में विभाजित होकर दो नयी कोशिकाओं का निर्माण करना द्विखण्डन (binary fission) कहलाता है।

अकेन्द्रिक (जैसे, जीवाणु) का द्विखण्डन

जीवाणु और आद्यजीवाणुओं (bacteria and archaebacteria) को अकेन्द्रिक (prokaryotes) कहते हैं। इनका द्विखंडन एक प्रकार का अलैंगिक प्रजनन तथा कोशिका विभाजन है। इसके अलावा कुछ सुकेन्द्रिक प्राणियों (eukaryotic organisms) के कुछ कोशिकांग भी द्विखण्डित ही होते हैं।

द्विखण्डी विभाजन तर्कुओं (spindles) के निर्माण के बिना ही होता है। सबसे पहले एक DNA अणु प्रतिगुणित होता है। उसके बाद ये प्रतिगुणित डीएनए कोशिका-झिल्ली अलग-अलग भागों से संयुक्त हो जाते हैं। जब कोशिका विभक्त होने लगती है तो प्रतिगुणित गुणसूत्र (Chromosome) तथा मूल गुणसूत्र बंट जाते हैं। इस प्रकार के अलैंगिक प्रजनन का परिणाम यह होता है कि सभी कोशिकाएँ अनुवांशिकता की दृष्टि से समान होती हैं, अर्थात सबमें एक ही अनुवांशिक पदार्थ होता है।

सन्दर्भ

    इन्हें भी देखें

    • कोशिका विभाजन
    • समसूत्रण
    • अर्धसूत्रण
    This article is issued from Wikipedia. The text is licensed under Creative Commons - Attribution - Sharealike. Additional terms may apply for the media files.