अग्रचर्वणक

अग्रदाढ़ दांत, या द्विकपर्दी, श्वानदंत और दाढ़ दांतों के बीच स्थित दांत हैं। मनुष्य में ८ अग्रदाढ़ दांत होते हैं, ४ ऊपर की और और ४ निचे की ओर।.[1]

दातों के भाग

उनमे कम से कम दो कस्प है। अग्रदाढ़ दांत चबाने, या चबाना के दौरान 'संक्रमणकालीन दांत' के रूप में माना जा सकता है। इनके पास पूर्वकाल कुत्तों और दाढ़ पीछे दोनों के गुण है। इसलिए भोजन स्थानांतरित किया जाता है कुत्तों से अग्रदाढ़ तक और फिर दाढ़ के पास।[2]

अग्रदाढ़ दांत जो मानव में पाए जाते हैं वो है;[3]

स्थायी दांत दाहिने से देखने पर
  • दाढ़ की पहली अग्रदाढ़
  • दाढ़ की दूसरी अग्रदाढ़
  • जबड़े पहले अग्रदाढ़
  • जबड़े दूसरी अग्रदाढ़

वहाँ हमेशा एक बड़ी मुख कस्प, विशेष रूप से जबड़े पहले अग्रदाढ़ में तो है। कम द्वितीय अग्रदाढ़ लगभग हमेशा दो बहुभाषी कस्प के साथ प्रस्तुत करता है।[4]

सन्दर्भ

  1. Roger Warwick & Peter L. Williams, eds. (1973), Gray’s Anatomy (35th ed.), London: Longman, pp. 1218–1220
  2. Weiss, M.L., & Mann, A.E (1985), Human Biology and Behaviour: An anthropological perspective (4th ed.), Boston: Little Brown, pp. 132–135, 198–199, ISBN 0-673-39013-6
  3. Glanze, W.D., Anderson, K.N., & Anderson, L.E, eds. (1990), Mosby's Medical, Nursing & Allied Health Dictionary (3rd ed.), St. Louis, Missouri: The C.V. Mosby Co., p. 957, ISBN 0-8016-3227-7
  4. Warwick, R., & Williams, P.L. (1973), p.1219.
This article is issued from Wikipedia. The text is licensed under Creative Commons - Attribution - Sharealike. Additional terms may apply for the media files.