हिन्दी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यह भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। यह विश्व में मातृ भाषा के रूप में बोले जाने वाली तीसरी भाषा है। इस भाषा को मातृ भाषा के रूप में बोलने वाले विश्व में 50 करोड़ लोग हैं। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें बहुत छोटे शब्द होते हैं। जिसे बहुत आसानी से बोला या लिखा जा सकता है। इसके अलावा इसमें समझाने के लिए भी अन्य भाषाओं से कहीं गुणा अधिक शब्द होते हैं।

जानकारी

व्याकरण

हिन्दी भाषा में भी व्याकरण का अति महत्व है। हिन्दी व्याकरण सरल है, लेकिन कई बार बिना जाने लिखने पर गलती हो ही जाती है। हिन्दी अच्छी तरह से लिखने के लिए यह आवश्यक है कि हिन्दी के मूल व्याकरण को अच्छी तरह से समझना। हिन्दी में संज्ञा, सर्वनाम मुख्यतः केवल शब्द के उपयोग के बारे में है। जिससे आप एक साधारण वाक्य बना सकते हो। सर्वनाम के साथ आप उसी से जुड़ा दूसरा या अन्य वाक्य बना सकते हो। इसके अलावा क्रिया से आप किसी कार्य के बारे में लिख या बोल सकते हो। विशेषण में आप किसी कि तारीफ, अच्छाई आदि कर सकते हो। इसके अलावा काल इसमें सबसे अहम है।

काल में कई बार लोग समय कल आज और कल में व अगले वर्ष और पिछले वर्ष में गलती कर देते हैं। जिसे थोड़े व्याकरण के ज्ञान से पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। हिन्दी व्याकरण निम्न पर आधारित है: -

सीखना


अन्य

यह भी देखें

बाहरी कड़ी

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